सीधी बात है कहने दो !

जज़्बात, ज़िन्दगी और मै सीधी बात है कहने दो !जो जैसा है रहने दो !!ज़ब्त हम में है बहुत !हर सितम को सहने दो !!बेरहम जज़्बात के !अब शहर को ढहने दो !!हाथ-पैर जकड़े हुए !कुछ जुबां से कहने दो !!मोहलत से आये बड़ी !अश्कों को अब बहने दो !!दिल में मुहब्बत नहीं !‘सैल’ तकल्लुफ रहने दो !!... [पूरी पोस्ट]
writer Indranil Bhattacharjee ........."सैल"

ghazal

views
18
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
21
[26 Apr 2010 08:12 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix