पूजा से आरंभ हुई थी गुड़िया (Doll) की दुनिया

शब्द-शिखर गुड़िया भला किसे नहीं भाती. गुडिया को लेकर न जाने कितने गीत लिखे गए हैं. गुडिया के बिना बचपन अधूरा ही कहा जायेगा. खिलौने के रूप में प्रयुक्त गुड़िया लोगों को इतना भाने लगी कि इसके नाम पर बच्चों के नाम भी रखे जाने लगे. बचपन में अपने हाथों से बने गई गुड़िया... [पूरी पोस्ट]
writer Akanksha~आकांक्षा

जानकारी

views
28
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
25
[26 Apr 2010 03:07 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix