गरीब देश की पहचान मिटाने का विकल्प-हिन्दी व्यंग्य कविताऐं (gareeb desh ki pahachan mitane ka sankalp-hindi vyangya kavitaen)

दीपक भारतदीप की शब्द प्रकाश-पत्रिका देश की गरीबी ऐसी पहेली हैजिसे वह बूझ रहे हैं।इसलिये वह बना रहे हैं नये राजा महाराजा,बजायेंगे शराब पीकर और जुआ खेलकरजो दुनियां के सामने तरक्की का बाजा,उनके रहने के वास्तेमशहूर जगहों परमहल बनाने की तैयारी मेंगरीबों को अपनी झौंपड़ियों समेतदूरदराज इलाके में... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

masti

views
9
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[25 Apr 2010 12:26 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix