गरीब देश की पहचान मिटाने का विकल्प-हिन्दी व्यंग्य कविताऐं (gareeb desh ki pahachan mitane ka sankalp-hindi vyangya kavitaen)
देश की गरीबी ऐसी पहेली हैजिसे वह बूझ रहे हैं।इसलिये वह बना रहे हैं नये राजा महाराजा,बजायेंगे शराब पीकर और जुआ खेलकरजो दुनियां के सामने तरक्की का बाजा,उनके रहने के वास्तेमशहूर जगहों परमहल बनाने की तैयारी मेंगरीबों को अपनी झौंपड़ियों समेतदूरदराज इलाके में...
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दीपक भारतदीप
masti
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[25 Apr 2010 12:26 PM]



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