यूँ प्यार को आज़माना नहीं था

भीगी गज़ल कल रात एक मित्र से मेरे ग़ज़ल के सफ़र की चर्चा हो रही थी , चर्चा के दौरान शुरूवाती दौर में कही गई गजलों का जिक्र आया बस मन हुआ कि एक पुरानी ग़ज़ल पोस्ट की जाए दूरी को अपनी बढ़ाना नहीं थायूँ प्यार को आज़माना नहीं थाउसने न टोका न दामन ही थामा रुकने का कोई... [पूरी पोस्ट]
writer श्रद्धा जैन
views
42
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
25
[25 Apr 2010 12:34 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix