भाषा का शुद्धतावादी दृष्टिकोण
भाषा का शुद्धतावादी दृष्टिकोण हिन्दी के प्रति अतिरिक्त प्रेम दर्शाने वाला आज एक वर्ग ऐसा भी है जो उर्दू और अंग्रेज़ी शब्दों के प्रति कुछ ऐस घृणा भाव रखता है कि उनके स्पर्श मात्र से उसे हिन्दी के अशुद्ध हो जाने की प्रतीति होती है।रोचक बात यह है कि अपने इन...
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युग-विमर्श
विचार / शैलेश ज़ैदी
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[25 Apr 2010 08:40 AM]



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