“महाकुम्भ-मेला” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

नन्हें सुमन महाकुम्भ-स्नानहरिद्वार, उज्जैन, प्रयाग।नासिक के जागे हैं भाग।। बहुत बड़ा यहाँ लगता मेला। लोगों का आता है रेला।। सुर-सरिता के पावन तट पर। सभी लगाते डुबकी जी भर।। बारह वर्ष बाद जो आता।महाकुम्भ है वो कहलाता।। भक्त बहुत इसमें जाते हैं।साधू-सन्यासी आते... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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[25 Apr 2010 07:01 AM]

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