कुछ अश्क़...
कुछ अश्क़ बहे यहाँ आने से पहले...कुछ बहेंगे यहाँ से जाने के बाद...उन अश्को में समाया था डर,इन पर होगा यादों का ताज...डर था,इस दुनिया में आने का, इसे जानने का, समझने काइसे पहचानने का...और यादें रह जांएँगीउन रिश्तों की,जो जाने-अन्जाने बस यूँ ही बन जाते...
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POOJA...
हिंदी
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[15 Apr 2010 02:55 AM]



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