अर्श से फ़र्श तक
आज शनिवार है, या समझिये कि था, मेरे साप्ताहिक अवकाश का दिन ! शनिवार या सनीचर को छुट्टी रखने की मेरी अपनी जो भी व्यक्तिगत वज़हें हों.. पर क्या सूर्यपुत्र शनियों से भारतदेश कभी उबर भी पायेगा ?... -९९९- पूरा आलेख मूल ब्लॉगपृष्ठ पर पढ़ने हेतु शीर्षक पर क्लिक...
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डा. अमर कुमार
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[25 Apr 2010 01:03 AM]



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