"कशमकश"

aapkayogeshsharma निशानी इश्क की माँगी, मिला ख़त मोहब्बत का, जो महबूबा ने, दुश्मन की किताबों में छुपाया था,हसरत मंजिलों की, उम्र भर हमने कभी ना की,ये  और बात है, रास्तों पे  बहुत प्यार आया था,ज़माने सुन लो, मुझको... [पूरी पोस्ट]
writer Yogesh Sharma

"कशमकश"

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[25 Apr 2010 00:27 AM]

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