अनुभूति

Unmanaa सोच रहा मेरा पागल मन ! कौन शक्ति दुनिया में जिससे है इतना भारी अपनापन !सोच रहा मेरा पागल मन ! है सुख क्या दुःख कौन वस्तु है,है अथवा यह सब केवल भ्रम,क्या इस जीवन में सुख दुःख काचलता ही रहता है यह क्रम, क्यों नैराश्य है दुःख का सूचक,क्यों है आशा ही में... [पूरी पोस्ट]
writer Sadhana Vaid
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[24 Apr 2010 21:34 PM]

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