आदि शंकराचार्य जी की जन्मस्थली – कालड़ी
अवसर था मेरे एक भतीजे का उपनयन संस्कार. हम छै भाईयों में नीचे से दूसरे पायदान पर एक भाई कोच्ची के जहाजरानी निगम में कार्यरत है. उसे मालूम था कि हम गर्मियों में यात्रा नहीं करते परन्तु हमसे भी रहा नहीं गया. प्यार से बुलाया है तो जाना ही पड़ेगा भले हम अपनी...
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पा.ना. सुब्रमणियन
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[24 Apr 2010 20:30 PM]



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