मिले बस चैन दिन का और गहरी नीद रातों की
बहुत दिनों बाद आज चर्चा करने की सोची. एक बार के लिए मन में विचार आया कि बहुत दिन बीत गए हैं, चर्चा कैसे की जाती है पता नहीं वो याद है या नहीं? फिर कहीं से सूचना मिली कि आदमी अगर एकबार साइकिल चला ले या फिर एक बार चर्चा कर ले तो फिर उसे भूल नहीं सकता. इस...
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Shiv
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[24 Apr 2010 05:28 AM]



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