आडम्बर
अजित वडनेरकर जी, आज[२४-०४-१०/shabdon ka safar] फिर आपने प्रेरित किया है , आडम्बर के लिए, विडम्बना के साथ खेलना पड़ रहा है:-__________I [मैं] P ह L ए ==========आ ! डम्बर-डम्बर खेले,वो मारेगा तू झेले , जो हारेगा वो...
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Mansoor Ali
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[23 Apr 2010 23:59 PM]



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