यहाँ न कोई ठौर होगा

जज़्बात, ज़िन्दगी और मै आज यहाँ मुकाम है, कल कहीं और होगा !आने जाने का ज़माने में यूँ ही दौर होगा  !!कौन रुका है हमेशा के लिए मेरे दोस्त !न हुआ था यहाँ कभी न कोई ठौर होगा !!... [पूरी पोस्ट]
writer Indranil Bhattacharjee ........."सैल"

Hindi

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[08 Apr 2010 22:37 PM]

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