तुम एक दिन हो

जज़्बात, ज़िन्दगी और मै आजकल यहाँ जुदाई का मौसम चल रहा है ! इसलिए मन उदास ! इस उदासी में कहीं किसी दरार से रिसने लगे कुछ भावों को कविता में ढाल दिया जो आपके समक्ष प्रस्तुत है ! इस कविता को समर्पित करता हूँ अपनी अर्धांगिनी को जो इस वक़्त मुझसे काफी दूर है ! कहा न ... आजकल जुदाई... [पूरी पोस्ट]
writer Indranil Bhattacharjee ........."सैल"

kavita

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[13 Apr 2010 20:44 PM]

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