जुगनू

वैतागवाड़ी बहुत पहले दुनिया में सिर्फ़ रात थी, मेरी कंखौरियों में मिट्टी के दिए चिपके थे. मैं उड़ने के लिए हाथ उठाता, दिए अपने आप बल उठते. रोशनी की फुहार उठती, बरसती. मैं हाथ नीचे करता, अंधेरा फिर हो जाता. मुझे इस तरह देखने के बाद ईश्‍वर ने जुगनू बनाए. फिर भी उड़ने... [पूरी पोस्ट]
writer Geet Chaturvedi

images

views
17
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
4
[23 Apr 2010 15:09 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix