सपने !

दिल से सोचा की आप लोग बोरियत महसूस करने लगे होंगे मेरी कमीज, पतलून, जूता और ट्रांजिस्टर से इसलिए कुछ अलग लिखने की कोशिश की है! हर इंसान सपने देखता है, हर सपना पूरा हो ज़रूरी नहीं है, अक्सर कई सपने टूट जाते है और टूटकर बिखर जाते है, पर हम फिर भी बाज नहीं आते... [पूरी पोस्ट]
writer nilesh mathur
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[23 Apr 2010 15:07 PM]

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