मनोज बबली को समर्पित
आदम ओ होव्वा की औलाद हैं जबवंस ए पैदाईश के पैमाने क्या हैं बहते दरिया में मिली जोशे जुनू की लाश नाम ए इज्जत हालाक के मायने क्या हैं दोजख हुआ नसीब जो काफिरे इश्क को देखें हुजूम ए कौम के तराने क्या हैंबस बे ख्याले इश्क ही लेते नहीं...
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jagdeep singh
ग़ज़ल
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[23 Apr 2010 14:06 PM]



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