गीत

जीवन सन्दर्भ महसूस होती है  किसी की कमी धीरे धीरे /उतरती है आँखों में नमी धीरे धीरे /कोई यादों की गहराई में ग़ुम है /आई है याद जो थी थमी धीरे धीरे /तनावों का अजीब नश्तर है /कट रही बर्फ इक जमी धीरे धीरे /मेरी आँखों में देखी क्या कहानी ?उदासी से भरी इक ग़मी धीरे... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह
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[23 Apr 2010 13:01 PM]

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