धर्म ग्रंथो पर अज्ञानियों द्वारा निरर्थक बहस
कई दिनों से कुछ एक स्वयम्भू विद्वानों द्वारा धर्म ग्रंथो के श्लोकों की मनमानी व्याख्या पढने को मिल रही है ये तथाकथित विद्वान हिन्दू धर्म के लिए किसी सिरफिरे मानसिक विकृत लेखकों की पुस्तको का हवाला देते रहते है पर ये ये क्यों नहीं समझते कि जिन मानसिक...
[पूरी पोस्ट]
Ratan Singh Shekhawat
pratikriya
44
6
0
6
14
[23 Apr 2010 12:32 PM]



Shuffle








