कभी तो तुम्हारे साथ
कभी तो तुम्हारे साथ, अपनी शाम गुजरेगी,वर्ना ये ज़िन्दगी, किस काम गुजरेगी. आँखों में लेकर सपने, यूँ चले जा रहे हैं,कभी तो इस राह से, मुकाम गुजरेगी....
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AMAR NATH GIRI 'AKASH'
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[23 Apr 2010 08:56 AM]



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