अजब देश के गजब हैं नेता
बचपन में किसी बुर्जुग ने यूं ही हंसी-ठिठोली में मुझे एक विशेष किस्म का पहाड़ा पढ़ाया था। प्राइमरी स्कूल में 2 से लेकर 20 तक का पहाड़ा तो मास्टर जी ने चिल्ला-चिल्ला कर इतना रटा दिया था कि वह ऑटोमैटिक मशीन की तरह जुबान पर चढ़ गया था। कोई बोला नहीं कि...
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मनोज द्विवेदी
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[23 Apr 2010 06:16 AM]



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