नानू

भंगार नानू मेरा नवासा हैअभी वो तीन महीने सत्रह दिन कामुझे खूब पहचानता ...देखते ही मुस्कराने लगता ॥रंग रूप मेरी बेटी पे गया ...गुलज़ार साहब के साथ फोटो भी खिचवाया ॥उनकी गोदी में खेला ॥कवितायें जरुर लिखेगामेरा घर ....सूना हो जाएगा ...जब वो अपने घर जाएगा ...... [पूरी पोस्ट]
writer भंगार
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[23 Apr 2010 05:39 AM]

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