अरे ये क्या ! 'सलीम ख़ान' ने ब्लॉग-जगत से लिया चुपके से अलविदा.
आज सुबह-सुबह मैंने अपना ब्लॉग खोला तो एक टिपण्णी देखकर चौंक गया. वह टिपण्णी किसी और की नहीं सलीम ख़ान की थी जिसमें एक गाना था ये ज़िन्दगी के मेले... और उस टिपण्णी में सबसे नीचे लिखा था 'alvida bloging'. तो क्या सलीम ख़ान ने...
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EJAZ AHMAD IDREESI
सलीम ख़ान
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[23 Apr 2010 02:43 AM]



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