गीत- गोविन्द

एक प्रयास गीत गोविन्द के गाती फिरूँमैं तो तन- मन में गोविन्द झुलाती फिरूँ गली- गली गोविन्द गाती फिरूँमैं तो तेरे ही दर्शन पाती फिरूँअँखियों में गोविन्द सजाती फिरूँहिय की जलन मिटाती फिरूँजन जन में गोविन्द निहारती फिरूँकभी गोपी कभी कृष्ण बनती फिरूँमैं तो... [पूरी पोस्ट]
writer वन्दना
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[23 Apr 2010 01:27 AM]

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