टक-टक.............
मोबाइल पर मुझे होल्ड पर रखकर वो किसी से कह रही थी-'रख लो बाबा, कोई बात नहीं।'पीछे सब्जी-मंडी का शोर मुझे सैलाब-सा लग रहा था- टमाटर तीस-टमाटर तीस-टमाटर तीस-गोभी बीस-प्याज बीसधड़ी सौ-धड़ी सौ.......... मैंने चिल्लाकर कहा- मेरा बी.पी. लो हो गया है,...
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जितेन्द़ भगत
ये दुनिया ऊटपटांगा
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[22 Apr 2010 23:52 PM]



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