गिरिराज किराडू की कविताएँ
अनुनाद के भले दिन लगे हैं। मनोज के बाद अब हमें गिरिराज की कविताएँ मिली हैं। एक आम शिकायत है कि गिरि की कविताओं में कला है ! उसे महज कलाकार मानने और दूसरों से भी ऐसी उम्मीद रखने वाले बहुत सारे आत्मीय मित्र हैं मेरे। जी हाँ... इनमें कला है लेकिन वो कला, जो...
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शिरीष कुमार मौर्य
श्रेष्ठ हिंदी कविता
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[22 Apr 2010 04:36 AM]



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