पृथ्वी...गीत, कविता, ग़ज़ल...

Nayachintan आज पृथ्वी दिवस है. इस वक़्त पृथ्वी ही हमारी चिंता के केंद्र में होनी चाहिए, वरना हम सबकी हालत चिंतनीय हो जायेगी. हम लोग तो पृथ्वी को बर्बाद करके चले जायेंगे, मगर सोचिये, आने वाली पीढी को कितना कुछ झेलना पडेगा. हम लोगों ने तो अभी से झेलना शुरू कर दिया है.... [पूरी पोस्ट]
writer girish pankaj

कविता

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[22 Apr 2010 03:11 AM]

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