संत कबीर दास के दोहे-परोपकार पर ही यश मिलना संभव (kabir ke dohe-paropkar aur yash)
धन रहै न जोबन रहे, रहै न गांव न ठांव।कबीर जग में जस रहे, करिदे किसी का काम।संत कबीर दास जी कहते हैं कि एक दिन यह न धन रहेगा न यह यौवन ही साथ होगा। गांव और घर भी छूट जायेगा पर रहेगा तो अपना यश, यह तभी संभव है कि हमने किसी का काम किया हो।स्वारथ सूका लाकड़ा,...
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दीपक भारतदीप
आध्यात्म
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[21 Apr 2010 23:53 PM]



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