श्रीगुरुग्रंथ साहिब-झगड़ा करने से झगड़ा ही मिलता है (shri gurugrantha sahib-Jhagada n karen)
कलह बुरी संसारि।’हिन्दी में भावार्थ-संसार में कलह बुरी चीज है।‘झगरु कीए झगरउ पावा।‘हिन्दी में भावार्थ-झगड़ा करने से झगड़ा ही हासिल होता है।‘उना पासि दुआसि न भिटीअै जिन अंतरि क्रोधु चंडालु।’हिन्दी में भावार्थ-जिन मनुष्यों के हृदय में क्रोध रूपी चंडाल रहता...
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दीपक भारतदीप
हिन्दू-धर्म
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[21 Apr 2010 23:16 PM]



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