क्या वैचारिक शुद्धता का हमारी विद्या, आयु,,यश एवं बल वृ्द्धि से कुछ सम्बंध है ?
नीतिशास्त्र कहता है कि "माता-पिता,वृ्द्ध एवं गुरूजनों की सेवा से विद्या,आयु,यश एवं बल की वृ्द्धि होती है"। अपने बालपन की उम्र में हमने जब भी इस वाक्य को कहीं पढा या सुना तो हमेशा ही मन में यह शंका हुई कि भला वृ्द्धजनों की सेवा करने से आयु,बल इत्यादि कैसे...
[पूरी पोस्ट]
पं.डी.के.शर्मा"वत्स"
विज्ञान
20
4
2
2
10
[21 Apr 2010 09:36 AM]



Shuffle








