छोड़ जाएंगे यह जहां तन्हा...
मीना कुमारी को जानने वाले 'क्वीन ऑफ ट्रेजडी' कहते थे क्योंकि वह अपने असल जीवन का दुख ही रूपहले परदे पर जीती थी। उनकी लिखी गजलों में भी यह दर्द दिखता है। आज की पोस्ट मीना कुमारी को श्रद्धांजलि। चांद तन्हा है, आस्मां तन्हादिल मिला है, कहां-कहां तन्हाबुझ गई...
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हेमेन्द्र मिश्र
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[21 Apr 2010 04:04 AM]



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