उनवान- सहाफ़ी से (शीर्षक- पत्रकार से)
देश कोई भी हो, लेकिन दुनिया भर में पत्रकारों के हालात कमोवेश एक ही हैं... टेलीविज़न के बड़े पत्रकार और मेरे बड़े भाई अख़लाक अहमद उस्मानी ने मेल पर पाकिस्तान के बड़े लेखक हबीब जालिब की सच बयान करती ये लाइनें लिख भेजी थीं... उनकी इजाज़त के बगैर ही आप सबके...
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Neeraj Shrivastava / Hyderabad, Bhopal, India
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[21 Apr 2010 01:47 AM]



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