पांच तार की चादर - आत्म प्रकाश शुक्ला ( प्रसिद्ध गीतकार )

HPSHARMA पांच तार की चादर देखो किसके किसके नाम हुई,गुदरी मे संन्यासी लगती चुनरी मैं गुलफाम हुई। नगर बधू की रंग बिरंगी रतन जडी पटरानी की,सतवंती की सीधी साधी एक रंग दीवानी की।वरसाने मे बनी राधिका नन्द गाँव मे श्याम हुई,गुदरी मे संन्यासी लगती चुनर मे गुलफाम हुई।... [पूरी पोस्ट]
writer हरि शर्मा

आत्म प्रकाश शुक्ला

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[20 Apr 2010 23:08 PM]

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