भ्रष्टाचार पर एक सहज भाषण

शब्द-योग आज में आम आदमी के अंदर छुपी हुई भ्रष्टाचारिय प्रतिभा पर भाषण देना चाहूंगा। देकर रहूंगा। कोई मुझे रोक नहीं सकता है। बड़े बोल बोलने और भाषण देने से इस देश में आज तक किसी को रोका नहीं गया है। सब अपनी बारी के इंतेजार में दम साधे खड़े रहते हैं। अत: मुझे कोई... [पूरी पोस्ट]
writer अनुज

vyangya

views
12
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
3
[20 Apr 2010 08:24 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix