मैं एक फेरीवाला के सन्दर्भ में

राही मासूम रज़ा का साहित्य - डॉ० आदित्य प्रचण्डियाकविता सम्पूर्ण चेतना की अखण्ड अभिव्यक्ति है, वह खण्डित व्यक्तित्व की बौ(कि शब्द लीला मात्र नहीं है। असम्बद्ध शब्द जाल और व्यक्ति वैचित्रयवाद की कारीगरी से पाठक को उलझाने और वास्तविक कवि कर्म में बृहद्न्तर हैं। कविधर्म कोरे फ़ैशन से... [पूरी पोस्ट]
writer डा. फीरोज़ अहमद
views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[20 Apr 2010 07:28 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix