गार्ड और पानी, भैंसे और कारे, मजदुर और नीम का पेड़ ---- दिल्ली की गर्मी

युग क्रांति सुबह परीक्षा ने तारे दिखा दिया, भला हो पानी पिलाने वाली आंटी का, तीन घंटे में ८-९ बार चक्कर लगाये और इतनी आत्मीयता से बच्चो को पानी पिला रही थी जैसे अपने बच्चे हो!! मुन्नाभाई ने सिखाया था --- सबको थैंक्यू बोलने का, दिल से!! मुन्नाभाई की बात मानकर... [पूरी पोस्ट]
writer यशवन्त मेहता "फ़कीरा"
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[20 Apr 2010 06:07 AM]

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