हसबैंड वाईफ चैटिंग

यादों का इन्द्रजाल... Hindi Poetry by Sulabh बहुत दिनों से हास्य की रसोई में कुछ नया खिचड़ी नहीं पका. सो एक पुराना अनुभव दे रहा हूँ, जब Windows की समस्याओं से परेशान होकर एक हास्य रचना इस प्रकार अवतरित हुई थी..... उन दिनों चैटिंग का मजा बेचलर्स ज्यादा उठाते थे.... लेकिन अब तो हसबैंड मशीनी हो गए...... [पूरी पोस्ट]
writer सुलभ § सतरंगी
views
78
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
18
[20 Apr 2010 05:30 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix