कविता: इस बार ऐसा तापमान बढ़ा है,

BAL SAJAG तापमान बढ़ा है....मौसम यह कैसा अदभुत है,न जाने कैसी सबकी सेहत है। इस बार ऐसा तापमान बढ़ा है, सूरज धूप लेकर सिर पर खड़ा है।ऐसी गर्मी मई जून माह में होती, गर्म हवायें उसके साथ में बहती। इस बार है देखो कैसा ये मौसम,इस गर्मी में कौन उठाये धूप का जोखम। जाने... [पूरी पोस्ट]
writer BAL SAJAG
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[19 Apr 2010 15:17 PM]

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