तरही ग़जल :कौन चला बनवास रे जोगी
तरही ग़जलकौन चला बनवास रे जोगीडा.अहमद अली बर्क़ी आज़मीप्रीत न आई रास रे जोगी ले लूँ क्या बनवास रे जोगीदर-दर यूँ ही भटक रहा हूँआता नहीँ क्यों पास रे जोगीरहूँ मैं कब तक भूखा प्यासा आ के बुझा जा प्यास रे जोगीदेगा कब तू आख़िर दर्शनमन है बहुत उदास रे जोगीकितना...
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Dr. Ahmad Ali Barqi Azmi
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[19 Apr 2010 13:40 PM]



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