टीका,चंदन,माला,दाढ़ी,साधु बाबा बड़े खिलाड़ी----------(विनोद कुमार पांडेय)

मुस्कुराते पल-कुछ सच कुछ सपने टीका,चंदन,माला,दाढ़ी,साधु बाबा बड़े खिलाड़ी|उजला-उजला तन पर कपड़ा,अंदर से मन काला,रंग-भरी दुनिया के रंगों में,खुद को रंग डाला,५२ रूप धरे बाबाजी,पब्लिक समझ न पाए,भारी झटका लगता उसको,जो झाँसे में आए,पर दिखते है भोले-भाले,तित पर निर्मल... [पूरी पोस्ट]
writer विनोद कुमार पांडेय
views
21
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
11
[19 Apr 2010 11:55 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix