दूसरा विवाह

my work and writing कम दगाबाज नहीं साहित्यकार भीधीरेन्द्र अस्थाना‘यह क्या/मैंने घर बसाया/और बेघर हो गया/घर में क्यों नहीं रह पाता प्रेम?‘ इन पंक्तियों के भीतर घर बसाने, घर बिखर जाने और फिर से घर बसाने की मुख्य चाहत छिपी है। जिंदगी बिताने के लिए एक मनपसंद जीवन साथी खोजना एक... [पूरी पोस्ट]
writer dhirendra asthana

राष्ट्रीय सहारा

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[19 Apr 2010 07:22 AM]

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