ये कार्यक्रम जिसमें श्री विजय वाते, सुश्री नुसरत मेहदी जी, श्री माणिक वर्मा जैसे नाम श्रोताओं में बैठे थे और मेरे गुरू डॉ विजय बहादुर सिंह मुख्य
मित्रों का नेह कभी कभी मन को छू जाता है । अाप सब जानते ही हैं कि डॉ आज़म मेरे परम मित्रों में से हैं । उसी प्रकार से मेरे एक और मित्र हैं जनाब अनवारे इस्लाम जी जो कि भोपाल से एक शानदार पत्रिका सुखनवर निकालते हैं । अपने स्तर पर निकाली जाने वाली ये...
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पंकज सुबीर
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[19 Apr 2010 03:41 AM]



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