सुबह -सुबह ही सर पे पेशाब और toilet टपकता है.

EK CHOTA SA KADAM सुबह -सुबह ही सर पे पेशाब और toilet टपकता है। माफ़ी चाहूँगा सुबह - सुबह ऐसे शब्दों को लिखते हुए। मगर क्या करू बहुत दिनों से सोच रहा था की इस विषय पर कुछ लिखू , और अभी ऑफिस जाने के लिए भी तैयार होना है, ऑफिस का नाम आते ही दिल्ली का पुराना रेलवे पुल (पुरानी... [पूरी पोस्ट]
writer Tarkeshwar Giri
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[18 Apr 2010 22:39 PM]

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