…जिन्दगी ऐसी नदी है जिसमें देर तक साथ बह नहीं सकते

फुरसतिया कल दिन भर पुराने कैसेट खोजकर कवितायें सुनी। स्व. रमानाथ अवस्थी जी की एक कविता मैं बहुत दिनों से खोज रहा था। कैसेट मिल नहीं रहा था बहुत दिनों से। कल एक बार फ़िर खोजा तब मिल ही गया। इस कैसेट में स्व. रमानाथ अवस्थी जी की कविता : आज इस वक्त आप हैं [...]... [पूरी पोस्ट]
writer फ़ुरसतिया
views
46
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
10
[18 Apr 2010 16:23 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix