एक और इंसान - कहानी
भारत में रहते हुए हम सब गरीबी और भिक्षावृत्ति से दो-चार होते रहे हैं. पहले कभी वर्षा के ब्लॉग पर कभी इसी बाबत एक लेख पढ़ा था, "बात पैसों की नहीं है". वर्षा ने उस लेख में सामान्यजन की दुविधा और मनस्थिति का अच्छा वर्णन किया था. लगभग उन्हीं दिनों मैंने...
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Smart Indian - स्मार्ट इंडियन
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[18 Apr 2010 14:49 PM]



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