तस्वीर .....(कविता) ..नीशू तिवारी
मंदिरों की घंटियों की गूँज से ,शंखनाद की ध्वनियों सेवीररस से भरे जोशीले गीत सेनव प्रभात की लालिमा ली हुई सुबह से ,कल्पित भारत वर्ष की छवि आँखों में रच बस जाती है लेकिननंगे बदन घूमते बच्चों को ,कुपोषण और संक्रमण से जूझती गर्भवती महिला को और चिचिलाती धुप...
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neeshoo
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[18 Apr 2010 13:39 PM]



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