झांझ के गुर्रई संग बासी के सुरता - गुड़ी के गोठ
मंझनिया के घाम ह अब जनाए ले धर लिए हे। एकरे संग अवइया बेरा के लकलकावत घाम के सुरता संग हरर-हरर के अवई-जवई अउ झांझ-बड़ोरा के गुर्रई के सुरता मन म समाए बर धर लिए हे। फेर संग म करसी-मरकी के जुड़ पानी अउ गोंदली संग बोरे-बासी के सेवाद घलोक मुंह म जनाए बर धर...
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संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
गुड़ी के गोठ
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[18 Apr 2010 11:37 AM]



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