बच्चे मन के सच्चे
दरवाजे पर अचानक जैसे ही जोर से घंटी बजी तो सभी परिवार वालों का ध्यान पूजा से भटक गया। दूसरों को सच का पाठ पढ़ाने और खुद झूठ बोलने में माहिर मिश्रा जी ने अपने बेटे को दरवाजा खोलने के साथ उसे यह आदेष भी दे डाला कि दरवाजे पर कोई भी हो कह देना कि मैं घर पर...
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Jolly Uncle
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[13 Apr 2010 02:43 AM]



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