ईश्वर दारु के ठेके पर रहता है.? .
वैसे देखा जाए तो चुटकुले हमें हँसाने का ही काम करते है ..जब कभी चेहरे पर उदासी हो ..तो एक बढ़िया चुटकुला पढ़ लो ,या सुन लो चहरे पर मुस्कान जरूर आती है। हमने किसी के मुहं से कभी सुना था की चुटकुले साहित्य की नाजायज़ औलादें है । पर कभी ये नाजायज़ औलादें बड़ी...
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राजेन्द्र मीणा
जीवन-दर्शन
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[18 Apr 2010 10:03 AM]



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